किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास अधर में, गोदामों तक नहीं पहुंचीं जरूरी दवाएं

किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास अधर में, गोदामों तक नहीं पहुंचीं जरूरी दवाएं 


संतकबीरनगर में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें उन्नति खेती के हुनर खूब बताए गए। डेढ़ सौ से अधिक पाठशालाएं लगाई गईं। जब खेतीबारी के दिन आए तो किसान खाद, बीज और पेस्टीसाइड के लिए दर-दर भटक रहा है। उसे बीज शोधन तक की पेस्टीसाइड दवाएं कृषि विभाग के गोदाम पर नहीं मिल रही हैं। 


गेहूं की फसल में मुख्य रूप से बीज जनित रोग करनाल बंट लगता है। गेहूं के बीज को देख कर यह कोई नहीं बता सकता है कि इसमें रोग लगेगा। फसल की बढ़वार भी सामान्य तरीके से होती है। किसानों को इस रोग के बारे में तब पता चलता है जब गेहूं की बालियां निकलने लगती हैं और उस पर काले रंग की फंफूद छाने लगती है। उसके बाद किसान चाह कर भी अपनी फसल को नहीं बचा पता है। इस रोग की रोकथाम के लिए बाजार में जो दवाएं मौजूद हैं वह बहुत प्रभावी नहीं होती है। इसके लिए बेहतर यही होगा कि किसान अपनी फसल का बीज शोधन कर ही बोवाई करें ताकि इस प्रकार के रोग लगने की संभावनाएं न रह जाएं। 


किसान जब ब्लाक स्तरीय गोदाम पर जा रहे हैं तो बीज शोधन के लिए रासायनिक दवाएं मौजूद नहीं हैं। अब उन्हें बायो पेस्टीसाइड दवाओं के बारे में बताया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं की फसल में खरपतवार भी खूब होता है। गोदामों पर गेहूं के मामा वाले घास की दवा तो आ गई है, लेकिन चौड़ी पत्ती वाले घास की कोई दवा गोदाम पर मौजूद नहीं है। 


जेम पोर्टल बिगाड़ रहा खेल 
शासन का निर्देश है कि सभी दवाएं जेम पोर्टल से खरीदी जाएं। पोर्टल पर ये सारी दवाएं मौजूद नहीं है। यही वजह है विभागीय अधिकारी उन्हीं दवाओं को खरीद रहे हैं जो पोर्टल पर उपलब्ध हैं। नतीजतन किसानों को भी वही दवाएं बताई जा रही है जो विभाग के पास मौजूद हैं। अब कृषि विभाग के एटीएम और बीटीएम किसानों से रासायनिक दवाओं के बजाए ट्राइकोडर्मा से बीज शोधन की सलाह दे रहे हैं। किसान यदि दूसरी मांगते हैं तो बताया जाता है कि बाजार से खरीद लें।


जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि बीज शोधन के लिए कृषि विभाग के गोदाम पर ट्राइकोडर्मा मौजूद है। यह बायो पेस्टीसाइड दवा है। इस दवा से भी बीज शोधन करने पर भी गेहूं की फसल में करनाल बंट रोग नहीं लगेगा। बीज शोधन के लिए शासन से दो हजार 800 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा दवाएं खरीदी गई  हैं। इसके अलावा गेहूं के मामा घास के लिए सल्फोसल्फ्यूरान दवा 2012 यूनिट खरीद गई हैं।