लॉकडाउन में मदद को गोरक्षपीठ ने बढ़ाए हाथ, भंडारे से भोजन और राशन का किया जा रहा इंतजाम

लॉकडाउन में मदद को गोरक्षपीठ ने बढ़ाए हाथ, भंडारे से भोजन और राशन का किया जा रहा इंतजाम   


कोरोना से बचाव में सोशल डिस्‍टेंसिंग के महत्‍व को देखते हुए गोरखनाथ मंदिर का सीएम कैंप कार्यालय भले फिलहाल बंद है। लेकिन गोरक्षपीठ के कार्यालय की व्यस्तता बढ़ गई है। रोज सुबह से देर रात तक मंदिर का लैंडलाइन टेलीफोन बजता ही रहता है। दूसरी मंदिर के भोजनालय में सुबह-शाम भोजन के लिए लोग पहुंच रहे हैं। यहां आने वाले लोगों को उनकी जरूरत के मुताबिक राशन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।


मंदिर सचिव द्वारिका तिवारी उनके सहयोगी वीरेंद्र सिंह और मीडिया का काम देखने वाले विनय गौतम कार्यालय आने वाले फोन को सुनने और समस्याओं के समाधान के लिए जुटे रहते हैं। मंदिर सचिव द्वारिका बताते हैं कि कुछ लोग मोबाइल पर कॉल कर मदद मांगते हैं। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, मुम्बई, बिहार, मध्य प्रदेश में पूर्वांचल के लोग लॉकडाउन में फंसे हुए हैं। किसी को खाना चाहिए तो किसी को अपने घर जाना है। द्वारिका बताते है कि जहां की समस्या जिस अधिकारी से संबंधित होती है, उसका नम्बर तलाश कर बात की जाती है। पीड़ित की समस्या के समाधान का प्रयास कराया जाता है।


द्वारिका कहते हैं कि गुरु गोरखनाथ और गोरक्षपीठाधीश्वर की अनुकंपा से लोगों की मदद की जा रही है। मंदिर के भंडारे से भोजन कराया जा रहा। जरूरत के मुताबिक कच्चा राशन भी दिया जा रहा है। मीडिया प्रभारी विनय गौतम बताते हैं कि सिर्फ समस्या की ही कॉल नहीं आती। सोमवार को मनरेगा मजदूरों के खाते में रुपये जाने के बाद कई फोन सीएम के आभार ज्ञापन के भी आए। बताते हैं कि हाथरस के बीरनगर से दिव्यांग मनरेगा मजदूर शिव शंकर ने कॉल किया था, उसने बताया कि उसके खाते में 3 हजार रुपये आए हैं। सीएम साहब को आभार बोलिएगा।